Friday, February 01, 2008

Increasing adsense earnings - एड्सेन्स से बढ़ती कमाई

गुगल के एड्सेन्स के विज्ञापन तो बहुत से लोगों ने अपने ब्लाग्स पर लगा रखे हैं लेकिन उससे होने वाली आमदनी के बारे मे चर्चा नही ही करते हैं ;-)। मैने भी अपना हिन्दी ब्लाग दिसम्बर २००५ मे बनाने के बाद मार्च २००६ मे गुगल के एड लगा लिये थे, तो अप्रैल तक १५ डालर भी बन गये लेकिन उसके बाद हमारा ब्लाग तो चलता रहा लेकिन आमदनी २-३ डालर प्रति महीने से अधिक की नही हुई । अगस्त २००६ और जनवरी २००७ मे तो एक डालर भी नही बने । इस बीच एक फोटो ब्लाग भी बना लिया और उसपे भी एड चिपका दिया गया। सब कुछ जैसा तैसा चल रहा था कि जून २००७ मे पता चला अपने ५० डालर बन गये हैं सो गुगल ने अकाउन्ट कन्फ़र्म करने के लिये पिन भेज दिया । उसके बाद हमारी ब्लागिन्ग पर असर पडा और जल्दी जल्दी कुछ ब्लाग पोस्ट डाली गयीं, इसका परिणाम ये हुआ कि जून मे सात डालर और जुलाए मे १० डालर तक बन गये। अगस्त मे घर (भारत) जाना हुआ तो मामला फ़िर अटक गया ।

लेकिन सितम्बर मे कुछ कुछ हुआ और उसी महीने के बाद पहला पेमेन्ट मिलने के आसार दिखने लगे लेकिन टोटल ९८.७५ पर आकर अटक गया। एक महीने का इन्तज़ार और हुआ तो उसके अगले महीने के अन्त (२७ नवम्बर २००७) मे एड्सेन्स का पहला पेमेन्ट १११ डालर का प्राप्त हुआ, जिसकी पार्टी कुछ स्पेशल लोगों के लिये अभी तक ड्यू है।

मै कम ही लिखता हूँ ब्लॉग पर लेकिन एड्सेन्स की कमाई बढ़ रही है, इस महीने तो २० डालर हो गया। इसलिये कहता हूँ कि जिसने भी अपने ब्लॉग पर अभी तक एड्सेन्स न लगाया हो वो यहाँ क्लिक करे और नये एकाउन्ट के लिये साइन-अप करें, ये उन पर भी लागू हो सकता है जिनकी पुराने एकाउन्ट से कुछ खास कमाई न हो पा रही हो। क्योकि एड्सेन्स की कमाई के लिये इससे मतलब नही कि आप कूड़ा लिखते हैं या करकट, बस लिखना या लिखा होना चाहिये और लोगों को वहाँ तक आना या पहुँचाया जाना चाहिये, क्लिक तो हो ही जायेन्गे।
अब आप भी बताइये न अपनी एड्सेन्स की कहानी, वैसे अपने जाने माने व्यावसायिक हिन्दी/अंग्रेजी चिट्ठाकार रवि रतलामी जी भी अच्छे पैसे बना रहे होंगे LOL, उनका मार्गदर्शन भावी व्यावसायिक हिन्दी चिट्ठाकारों के लिये बहुत उपयोगी रहेगा।

15 comments:

राज भाटिय़ा said...

तभी सोचु भाई रोज रोज नये नये केमरे,कोम्कोडर कहां से आ रहे हे.

Gyandutt Pandey said...

१११ डालर की बधाई।

Jagdish Bhatia said...

Aap is tarah se apani earning sarvjanik nahi kar sajate. Mere hisab se is se google baba naraj ho jate hain.

Raviratlami said...

क्योकि एड्सेन्स की कमाई के लिये इससे मतलब नही कि आप कूड़ा लिखते हैं या करकट,

ये बात आपने सही कही.

रहा सवाल मेरे अच्छे पैसे बनाने का तो अच्छे तो नहीं बन रहे, पर हाँ, मेरा इंटरनेट ब्रॉडबैण्ड का खर्चा बढ़िया निकल रहा है और मेरा शुरूआती लक्ष्य ही यही था.

भविष्य जगमग है यह निश्चित ही जानें!

हर्षवर्धन said...

मिश्राजी, लैंग्वेज ऑप्शन में हिंदी तो है ही नहीं।

संजय तिवारी said...

अगर ब्लागर एक दूसरे के एडसेंस पर मजाकिया ही क्लिक करें तो ब्लागरों की कुछ कमाई हो सकती है. मसलन आप किसी ब्लाग को जितनी बार विजिट करते हैं उसके एडसेंस को भी एक बार छू दें तो कुछ पैनी तो उसकी झोली में चली ही जाती है. मैं तो करता हूं. लोगों की लोग जानें.

Poonam said...

अच्छा आईडिया दिया आपने .इस बार आपके डॉलर में मेरा भी योगदान रहेगा !!!!!!!

Sanjeet Tripathi said...

वाह!!!
बधाई हो जी बधाई!!

mamta said...

बधाई हो आपको।

anuradha srivastav said...

बधाई स्वीकार कीजिये....

anuradha srivastav said...

बधाई स्वीकार कीजिये....

masijeevi said...

अरे हॉं, ये अच्‍छा याद दिलाया, मैं भी देखता हूँ कि मेरा एकाउंट कितनी कमाई दिखा रहा है।

डॉ. राम चन्द्र मिश्र said...

भाटिया जी, और कहीं से भी आये, कम से कम इसकी कमाई से तो नही आ रहे।
पाण्डेय जी बधाई के लिये धन्यवाद, और जगदीश जी, आपकी बात मे दम हो सकता है।
रवि जी, उम्मीद है जल्दी ही आप घर का खर्च भी निकालने लगेंगे।
हर्ष वर्धन जी, आपका कहना बिलकुल जायज है।
संजय जी, हाँ अगर कोई विज्ञापन आपको रोचक लगता है तो उसपर यहा सोच के क्लिक न करना कि, दूसरे के पैसे बनेन्गे..बहुत गलत बात है :) वैसे आपका सुझाव बेहतरीन है।
पूनम जी आपका धन्यवाद और आभार भी।
त्रिपाठी जी, ममता जी, और अनुराधा जी आपका धन्यवाद।
मसिजीवी जी, आप जरूर अभी देख लीजिये, हो सकता है, पैसे आने वाले ही हों। अगर अभी ५० ही बने हों तो उसके बाद तो तेजी से बनते है।

अविनाश वाचस्पति said...

कमाये जाओ
कमाये जाओ
ब्लाग के
गुण गाये जाओ

उन्मुक्त said...

अरे वाह।